Description
मैंने यह किताब प्रेम प्रदीप शुद्ध वैष्णव धर्म की सर्वोपरिता को प्रमाणित एवं सुस्थापित करने की इच्छा से लिखी है और इसे मेरी पत्रिका सज्जन तोषणी में कुछ किस्तों में प्रकाशित की है। फलस्वरूप, कई पढ़े-लिखे लोगों ने कृष्ण की भक्ति प्राप्त की है। उनकी इच्छा के अनुसार अब मैं इसे किताब के रूप में प्रकाशित कर रहा हूँ।”
श्रील भक्तिविनोद ठाकुर

HARE KRISHAN KIRTAN
ANSWERS BY RADHANATH SWAMI 


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