Description
वैष्णवाचार्य श्री चंदन गोस्वामी द्वारा कृत एक पुस्तिका है। श्री राधारमण लाल के प्रेम को महाराज श्री ने कविताओं के संग्रह के माध्यम से इस पुस्तिका में प्रस्तुत किया है। ठाकुर श्री राधारमण देव के लिए वैष्णव जन एवं रसिक जनो के विरह भाव को शब्दों में व्यक्त करती ये कविताएँ हर भक्त के हृदय में छुपे उस प्रेम को, जो अब विरहाग्नि में परिवर्तित हो रहा है, बहुत मधुर रूप से दर्शाती है।

24 Lessons to learn
After the Disappearance of Sri Guru 


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