Description
By वृंदावन दास ठाकुर (लेखक), पूर्णप्रज्ञा-दास (अनुवादक) द्वारा हिंदी संस्करण
श्रीचैतन्य भागवत’ 15th शताब्दी में हुए अवतारी पुरुष तथा भक्तियोग के महान् प्रचारक श्रीचैतन्य महाप्रभु के विस्मयजनक एवं कौतुहलपूर्ण जीवनचरित्र, उनके द्वारा निर्मित एवं प्रसारित भक्ति परम्परा तथा उनके प्रमुख पार्षदों का संक्षिप्त वर्णन है। श्रीचैतन्य महाप्रभु ने मानवता को अपनी शिक्षाओं एवं आदर्श द्वारा एक ऐसी विरासत प्रदान की जो इतिहास में अद्वितीय रहेगी। उनका प्रत्येक घनिष्ठ अनुयायी स्वयं में एक महान् संत था और आज भी विश्वभर में असंख्य लोग उनके जीवन से प्रभावित हो रहे हैं। गौडीय वैष्णवों के इस प्रमुख ग्रंथ के माध्यम से श्रीचैतन्य महाप्रभु के प्रमुख नित्य पार्षदों के जीवनचरित्र एवं उनकी लीलाओं का ब्यौरा पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं।

A BOUQUET OF WOEFIL ENTREATIES
252 Vaishnavas part 2
After the Disappearance of Sri Guru
AJNA CHAKRA 

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