Description
श्री चैतन्य महाप्रभु एक महान दार्शनिक, संत, आध्यात्मिक शिक्षक, योगी और भगवदबतार हैं। उन्होंने १६ शताब्दी में भारत में एक महान सामाजिक और धार्मिक आंदोलन की स्थापना की। श्री चैतन्य-चरितमृत उनके जीवन और शिक्षाओं पर एक आधिकारिक ग्रंथ है। सर्वोच्च दार्शनिक और धार्मिक सत्य से भरपूर उनकी शिक्षाओं ने आज तक अनगिनत दार्शनिक और धार्मिक विचारकों को प्रभावित किया है।
मूल बंगाली कविताओं का यह अनुवाद और व्याख्या विश्व में भारतीय विचार और संस्कृति के अद्वितीय विद्वान और शिक्षक स्वामी प्रभुपाद के साथ-साथ इसके संकलनकर्ता कृष्णकृपाश्रीमूर्ति अभयचरणविन्द भक्तिवेदांत ने दी है। श्री चैतन्य चरितामृत का यह अनुवाद वर्तमान मनुष्य के बौद्धिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जीवन को समृद्ध बनाने में बहुत महत्वपूर्ण सहायक होगा।

252 Vaishnavas part 2
151 Akbar Birbal Stories 


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