Description
जय जगन्नाथ महासमुद्र के तट पर स्थित नीलाचल पर्वत की सुरम्य, सुनहरी चोटी पर बने एक विशालकाय महल में, भगवान् जगन्नाथ अपने अत्यंत शक्तिशाली भाई बलभद्र और उन दोनों के बीच उनकी बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं। भगवान् जगन्नाथ सभी देवतुल्य आत्माओं को भक्तिमय सेवा करने का अवसर प्रदान करते हैं हे जगन्नाथ स्वामी, आप सदैव मेरी दृष्टि का विषय बने रहें

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252 Vaishnavavas Part 3 

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