Description
अगर पूछा जाए की मनुष्य ने बीती सदियों से कितनी प्रगति की है, तो अधिकांश लोग प्रौद्योगिकी और विज्ञान से लाये गए ज्ञान और सुविधाओं की ओर संकेत करेंगे। बीसवीं सदी के सबसे महान दार्शनिकों में से एक श्री श्रीमद् ए.सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद हमें हमारी सच्ची आकांक्षाओं और जरूरतों की दृष्टि न खोने की याचना करते हैं। प्रौद्योगिकी और विज्ञान अच्छे हैं और उनकी अपनी जगह है, लेकिन हमें हमारी सबसे महत्त्वपूर्ण खोज से विचलित नहीं होना चाहिए, जो है। इस दुनिया के पार जाना और हमारी आध्यात्मिक प्रकृती को जगाना।

252 Vaishnavavas Part 3 

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